दशमलव (Decimals) क्या है? | दशमलव का पूरा ज्ञान – परिभाषा, स्थान मान, प्रकार, जोड़, घटाव, गुणा, भाग | Zero to Hero #11
ब्लॉग 11 : दशमलव (Decimals) क्या है? (What are Decimals?)
परिचय (Introduction)
नमस्कार दोस्तों,
"गणित सीखें : Zero to Hero" श्रृंखला के पिछले ब्लॉग में हमने भिन्न (Fractions) को विस्तार से समझा। हमने जाना कि जब किसी पूरी वस्तु को बराबर भागों में बाँटा जाता है, तब उन भागों को भिन्न के रूप में लिखा जाता है।
लेकिन कई बार भिन्न को बार-बार लिखना या उसके साथ गणना करना कठिन हो जाता है। इसलिए गणितज्ञों ने भिन्न को लिखने का एक और सरल तरीका बनाया, जिसे दशमलव (Decimal) कहते हैं।
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| PCC DHAUCHAT REWA MP |
आज हम पैसों का हिसाब, वजन, लंबाई, ऊँचाई, बैंकिंग, विज्ञान और व्यापार में दशमलव का उपयोग करते हैं।
जैसे—
₹10.50
2.5 किलोग्राम
1.75 मीटर
98.6°F
0.5 लीटर
इन सभी संख्याओं में दशमलव का उपयोग किया गया है।
इस ब्लॉग में हम दशमलव का इतिहास, परिभाषा, दशमलव बिंदु (Decimal Point), स्थान मान (Place Value), दशमलव पढ़ना और लिखना, दशमलव के प्रकार, नियम, महत्व, दैनिक जीवन में उपयोग, उदाहरण और अभ्यास प्रश्न को बिल्कुल सरल भाषा में समझेंगे।
दशमलव क्या है? (What is Decimal?)
दशमलव (Decimal) संख्या लिखने की एक ऐसी पद्धति है, जिसके द्वारा हम पूर्ण संख्या (Whole Number) और उसके भाग (Fractional Part) को एक साथ लिख सकते हैं।
सरल शब्दों में—
> "जब किसी संख्या में पूर्ण भाग और उसका कुछ भाग हो, तो उसे दशमलव संख्या (Decimal Number) कहते हैं।"
दशमलव में पूर्ण संख्या और उसके भाग को अलग करने के लिए दशमलव बिंदु (.) का उपयोग किया जाता है।
उदाहरण
5.7
यहाँ—
5 = पूर्ण संख्या (Whole Number)
. = दशमलव बिंदु (Decimal Point)
7 = दशमलव भाग (Decimal Part)
एक और उदाहरण
12.35
यहाँ—
12 = पूर्ण संख्या
. = दशमलव बिंदु
35 = दशमलव भाग
दशमलव को वास्तविक जीवन से समझें
उदाहरण 1 – पैसे
यदि किसी वस्तु की कीमत ₹25 और 50 पैसे है, तो इसे ऐसे लिखेंगे—
₹25.50
उदाहरण 2 – दूध
यदि आपने आधा लीटर दूध खरीदा है, तो उसे लिखा जा सकता है—
0.5 लीटर
उदाहरण 3 – लंबाई
यदि किसी बच्चे की लंबाई 1 मीटर 75 सेंटीमीटर है, तो उसे लिखा जा सकता है—
1.75 मीटर
दशमलव क्यों बनाया गया? (Why was Decimal Created?)
पहले लोग छोटी मात्राओं को केवल भिन्न में लिखते थे।
जैसे—
1/2
3/4
5/10
लेकिन बड़े हिसाब-किताब, व्यापार और विज्ञान में भिन्नों का उपयोग कठिन हो जाता था।
इसलिए दशमलव पद्धति बनाई गई, जिससे गणना अधिक आसान और तेज़ हो गई।
याद रखें (Remember)
> भिन्न को दशमलव में भी लिखा जा सकता है।
उदाहरण—
1/2 = 0.5
1/4 = 0.25
3/4 = 0.75
दशमलव का इतिहास (History of Decimal)
दशमलव पद्धति (Decimal System) का इतिहास बहुत पुराना है। प्राचीन समय में लोग छोटी-छोटी मात्राओं को व्यक्त करने के लिए भिन्न (Fractions) का उपयोग करते थे, लेकिन बड़े हिसाब-किताब और व्यापार में भिन्नों का प्रयोग कठिन होता था।
भारत के महान गणितज्ञों ने दशमलव पद्धति के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और बाद में भास्कराचार्य ने स्थान मान (Place Value) और संख्याओं की प्रणाली को आगे बढ़ाया।
इसके बाद दशमलव पद्धति भारत से अरब देशों और फिर यूरोप पहुँची। धीरे-धीरे यह पूरी दुनिया में अपनाई गई। आज विज्ञान, बैंकिंग, इंजीनियरिंग, व्यापार, कंप्यूटर और शिक्षा जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में दशमलव पद्धति का उपयोग किया जाता है।
दशमलव बिंदु (Decimal Point) क्या है? (What is Decimal Point?)
दशमलव बिंदु (Decimal Point) एक छोटा-सा बिंदु ( . ) होता है, जो किसी संख्या के पूर्ण भाग (Whole Number) और दशमलव भाग (Decimal Part) को अलग करता है।
सरल शब्दों में:
> "दशमलव बिंदु वह चिन्ह (.) है, जो बताता है कि इसके बाईं ओर पूर्ण संख्या है और दाईं ओर उसका भाग (दशमलव) है।"
उदाहरण 1
25.75
यहाँ—
25 = पूर्ण संख्या
. = दशमलव बिंदु
75 = दशमलव भाग
उदाहरण 2
8.5
यहाँ—
8 = पूरा भाग
5 = आधा भाग (5 दसवाँ)
उदाहरण 3
0.25
यहाँ—
0 = कोई पूर्ण संख्या नहीं
25 = दशमलव भाग
इसका अर्थ है कि संख्या 1 से छोटी है।
दशमलव बिंदु का महत्व (Importance of Decimal Point)
✅ यह पूर्ण संख्या और उसके भाग को अलग करता है।
✅ यह संख्या का सही मान बताता है।
✅ इससे छोटी-छोटी मात्राएँ आसानी से लिखी जा सकती हैं।
✅ विज्ञान, बैंकिंग और व्यापार में सही गणना करने में सहायता मिलती है।
वास्तविक जीवन में दशमलव बिंदु का उपयोग
🛒 खरीदारी में
₹25.50 = 25 रुपये 50 पैसे
⚖️ वजन में
2.75 किलोग्राम
📏 लंबाई में
1.85 मीटर
🌡️ तापमान में
36.5°C
⛽ पेट्रोल में
3.25 लीटर
याद रखने की आसान ट्रिक (Easy Trick)
> "दशमलव बिंदु (.) संख्या को दो भागों में बाँटता है।"
बाईं ओर = पूर्ण संख्या (Whole Number)
दाईं ओर = दशमलव भाग (Decimal Part)
उदाहरण
45.89
45 = पूरा भाग
89 = दशमलव भाग
दशमलव स्थान मान (Decimal Place Value) क्या है? (What is Decimal Place Value?)
दशमलव (Decimal) में प्रत्येक अंक का अपना एक निश्चित स्थान (Place) और मान (Value) होता है। जिस प्रकार पूर्ण संख्याओं में इकाई, दहाई, सैकड़ा आदि होते हैं, उसी प्रकार दशमलव के बाद भी प्रत्येक अंक का अपना अलग स्थान होता है।
सरल शब्दों में:
> "दशमलव बिंदु (.) के बाद आने वाले प्रत्येक अंक का अपना निश्चित स्थान और मान होता है, जिसे दशमलव स्थान मान (Decimal Place Value) कहते हैं।"
दशमलव स्थान मान की सारणी (Decimal Place Value Chart)
स्थान (Place) अंग्रेज़ी (English) उदाहरण
दशांश Tenths 0.1
शतांश Hundredths 0.01
सहस्रांश Thousandths 0.001
दश सहस्रांश Ten Thousandths 0.0001
1. दशांश (Tenths)
दशमलव बिंदु (.) के तुरंत बाद आने वाला पहला अंक दशांश (Tenths) कहलाता है।
उदाहरण:
8.4
यहाँ—
8 = पूर्ण संख्या
4 = दशांश
अर्थात 8.4 = 8 पूरे और 4/10
एक और उदाहरण
12.7
यहाँ 7 दशांश है।
इसका अर्थ है—
12 पूरे और 7/10
2. शतांश (Hundredths)
दशमलव के बाद दूसरा अंक शतांश (Hundredths) कहलाता है।
उदाहरण:
5.28
यहाँ—
2 = दशांश
8 = शतांश
अर्थात
5.28 = 5 पूरे + 2/10 + 8/100
3. सहस्रांश (Thousandths)
दशमलव के बाद तीसरा अंक सहस्रांश (Thousandths) कहलाता है।
उदाहरण:
3.456
यहाँ—
4 = दशांश
5 = शतांश
6 = सहस्रांश
एक बड़े उदाहरण से समझें
27.583
यहाँ—
27 = पूर्ण संख्या
5 = दशांश (Tenths)
8 = शतांश (Hundredths)
3 = सहस्रांश (Thousandths)
इसे पैसे से समझें
मान लीजिए आपके पास ₹25.75 हैं।
इसका अर्थ है—
₹25 = पूरे रुपये
75 पैसे = दशमलव भाग
इसी प्रकार
₹10.50 = 10 रुपये 50 पैसे
इसे लंबाई से समझें
यदि किसी बच्चे की ऊँचाई 1.75 मीटर है।
तो इसका अर्थ है—
1 मीटर पूरा
75 सेंटीमीटर अतिरिक्त
इसे वजन से समझें
यदि किसी बोरी का वजन 5.250 किलोग्राम है।
तो—
5 किलोग्राम पूरा
250 ग्राम अतिरिक्त
दशमलव स्थान मान क्यों आवश्यक है? (Importance of Decimal Place Value)
✅ प्रत्येक अंक का सही मान समझने के लिए।
✅ दशमलव संख्याओं को सही पढ़ने और लिखने के लिए।
✅ जोड़, घटाव, गुणा और भाग सही तरीके से करने के लिए।
✅ बैंकिंग, विज्ञान और व्यापार में सही गणना करने के लिए।
याद रखने की आसान ट्रिक (Easy Trick)
> दशमलव के बाद पहला अंक = दशांश (Tenths)
> दूसरा अंक = शतांश (Hundredths)
> तीसरा अंक = सहस्रांश (Thousandths)
याद करने का क्रम—
दशांश → शतांश → सहस्रांश
दशमलव को कैसे पढ़ें और लिखें? (How to Read and Write Decimals?)
दशमलव (Decimal) को सही तरीके से पढ़ना और लिखना बहुत आवश्यक है। यदि हम इसे सही ढंग से पढ़ना सीख जाएँ, तो आगे की गणित, बैंकिंग, विज्ञान और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न आसानी से हल कर सकते हैं।
दशमलव पढ़ने का नियम (Rule for Reading Decimals)
दशमलव संख्या को पढ़ते समय सबसे पहले दशमलव बिंदु (.) से पहले की संख्या पढ़ी जाती है। इसके बाद "दशमलव" (या "बिंदु") बोला जाता है, फिर दशमलव के बाद की संख्या पढ़ी जाती है।
सरल शब्दों में:
> "पहले पूर्ण संख्या पढ़ें, फिर 'दशमलव' बोलें और उसके बाद दशमलव के बाद वाले अंक पढ़ें।"
उदाहरण 1
5.2
पढ़ेंगे—
पाँच दशमलव दो
उदाहरण 2
12.35
पढ़ेंगे—
बारह दशमलव तीन पाँच
उदाहरण 3
45.678
पढ़ेंगे—
पैंतालीस दशमलव छह सात आठ
उदाहरण 4
0.8
पढ़ेंगे—
शून्य दशमलव आठ
दशमलव के बाद अंक अलग-अलग क्यों पढ़े जाते हैं?
यह सवाल बहुत अच्छा है। इसे सरल भाषा में समझते हैं।
दशमलव के बाद प्रत्येक अंक अपने-अपने स्थान (Place Value) को दर्शाता है। इसलिए उन्हें एक-एक करके पढ़ा जाता है।
उदाहरण:
15.1 → पंद्रह दशमलव एक
15.12 → पंद्रह दशमलव एक दो
15.123 → पंद्रह दशमलव एक दो तीन
यदि "123" पढ़ दें तो क्या होगा?
यदि 15.123 को "पंद्रह दशमलव एक सौ तेईस" पढ़ेंगे, तो यह गलत माना जाएगा।
क्योंकि दशमलव के बाद की संख्या को सामान्य संख्या की तरह नहीं, बल्कि अंकों (Digits) के रूप में पढ़ा जाता है।
सही पढ़ना:
15.123 = पंद्रह दशमलव एक दो तीन
स्थान मान (Place Value) से समझिए
संख्या स्थान मान पढ़ने का तरीका
15 पूर्ण संख्या पंद्रह
. दशमलव बिंदु दशमलव
1 दसवाँ भाग (Tenths) एक
2 सौवाँ भाग (Hundredths) दो
3 हजारवाँ भाग (Thousandths) तीन
इसलिए पढ़ेंगे—
15.123 = पंद्रह दशमलव एक दो तीन
याद रखने की आसान ट्रिक
> दशमलव से पहले की संख्या को सामान्य तरीके से पढ़ें, लेकिन दशमलव के बाद के अंकों को एक-एक करके पढ़ें।
उदाहरण:
8.45 → आठ दशमलव चार पाँच
25.09 → पच्चीस दशमलव शून्य नौ
103.507 → एक सौ तीन दशमलव पाँच शून्य सात
ध्यान दें
पढ़ने के लिए हम कहते हैं "पंद्रह दशमलव एक दो तीन", लेकिन स्थान मान समझाते समय इसे इस प्रकार समझते हैं:
1 = दसवाँ भाग (Tenths)
2 = सौवाँ भाग (Hundredths)
3 = हजारवाँ भाग (Thousandths)
यही कारण है कि 15.123 को "पंद्रह दशमलव एक दो तीन" पढ़ा जाता है।
दशमलव कैसे लिखें? (How to Write Decimals?)
जब कोई संख्या पूरी न होकर उसका कुछ भाग भी हो, तो दशमलव बिंदु (.) लगाकर उसे लिखा जाता है।
उदाहरण 1
दस रुपये पचास पैसे
लिखेंगे—
₹10.50
उदाहरण 2
दो किलो पाँच सौ ग्राम
लिखेंगे—
2.5 किलोग्राम
उदाहरण 3
एक मीटर पचहत्तर सेंटीमीटर
लिखेंगे—
1.75 मीटर
उदाहरण 4
आधा लीटर दूध
लिखेंगे—
0.5 लीटर
भिन्न से दशमलव लिखना (Fraction to Decimal)
कुछ सामान्य भिन्नों को दशमलव में इस प्रकार लिखा जाता हैं
भिन्न (Fraction) दशमलव (Decimal)
1/2 0.5
1/4 0.25
3/4 0.75
1/10 0.1
1/100 0.01
दशमलव से भिन्न लिखना (Decimal to Fraction)
दशमलव (Decimal) भिन्न (Fraction)
0.5 1/2
0.25 1/4
0.75 3/4
0.1 1/10
0.01 1/100
वास्तविक जीवन के उदाहरण (Real-Life Examples)
🛒 खरीदारी
₹25.75 = 25 रुपये 75 पैसे
⚖️ वजन
3.5 किलोग्राम = 3 किलो 500 ग्राम
📏 लंबाई
1.25 मीटर = 1 मीटर 25 सेंटीमीटर
⛽ पेट्रोल
2.75 लीटर पेट्रोल = 2 लीटर 750 मिलीलीटर
दशमलव पढ़ते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
❌ 1. दशमलव बिंदु को छोड़ देना।
गलत: 12.5 = एक सौ पच्चीस
सही: बारह दशमलव पाँच
❌ 2. दशमलव के बाद की संख्या को पूरी संख्या समझ लेना।
2.05 को "दो दशमलव पाँच" नहीं, बल्कि "दो दशमलव शून्य पाँच" पढ़ेंगे।
❌ 3. दशमलव के बाद के शून्य को छोड़ देना।
10.04 को "दस दशमलव चार" नहीं बल्कि "दस दशमलव शून्य चार" पढ़ना चाहिए।
याद रखने की आसान ट्रिक (Easy Trick)
> दशमलव के पहले = पूर्ण संख्या (Whole Number)
> (.) = दशमलव बिंदु (Decimal Point)
> दशमलव के बाद = दशमलव भाग (Decimal Part)
उदाहरण:
27.48
27 = पूर्ण संख्या
. = दशमलव बिंदु
48 = दशमलव भाग
दशमलव के प्रकार (Types of Decimals)
दशमलव (Decimals) कई प्रकार के होते हैं। किसी दशमलव संख्या के अंक कहाँ तक चलते हैं और उनका क्रम कैसा होता है, उसके आधार पर उन्हें अलग-अलग प्रकारों में बाँटा जाता है।
सरल शब्दों में:
> "दशमलव के बाद आने वाले अंकों के आधार पर दशमलव के प्रकार निर्धारित किए जाते हैं।"
आइए प्रत्येक प्रकार को सरल भाषा में समझते हैं।
1. समाप्त दशमलव (Terminating Decimal)
जिस दशमलव संख्या के अंक कुछ स्थानों तक लिखने के बाद समाप्त हो जाते हैं, उसे समाप्त दशमलव (Terminating Decimal) कहते हैं।
सरल शब्दों में:
> "जिस दशमलव के बाद अंक एक निश्चित स्थान पर आकर रुक जाएँ, वह समाप्त दशमलव कहलाता है।"
उदाहरण
0.5
2.75
8.125
15.20
इन सभी में अंक कुछ स्थानों के बाद समाप्त हो जाते हैं।
वास्तविक जीवन का उदाहरण
यदि किसी वस्तु की कीमत ₹25.50 है, तो यह समाप्त दशमलव है क्योंकि इसके बाद कोई और अंक नहीं हैं।
2. असमाप्त दशमलव (Non-Terminating Decimal)
जिस दशमलव संख्या के अंक कभी समाप्त नहीं होते, उसे असमाप्त दशमलव (Non-Terminating Decimal) कहते हैं।
सरल शब्दों में:
> "जिस दशमलव के बाद अंक लगातार चलते रहें और कभी खत्म न हों, वह असमाप्त दशमलव कहलाता है।"
उदाहरण
3.14159265...
1.41421356...
इनके बाद अंक लगातार चलते रहते हैं।
3. आवर्ती दशमलव (Recurring Decimal / Repeating Decimal)
जिस दशमलव संख्या में कोई अंक या अंकों का समूह बार-बार दोहराया जाता है, उसे आवर्ती दशमलव कहते हैं।
सरल शब्दों में:
> "जिस दशमलव में एक ही अंक या अंकों का समूह बार-बार दोहराया जाए, उसे आवर्ती दशमलव कहते हैं।"
उदाहरण
0.333333...
यहाँ 3 बार-बार आ रहा है।
एक और उदाहरण
0.12121212...
यहाँ 12 बार-बार दोहराया जा रहा है।
वास्तविक जीवन में समझें
यदि कोई मशीन हर बार 0.25 मीटर की जगह 0.252525... माप दिखाए, तो इसमें 25 बार-बार दोहराया जा रहा है। यह आवर्ती दशमलव का उदाहरण है।
4. अनावर्ती दशमलव (Non-Recurring Decimal)
जिस दशमलव संख्या के अंक कभी समाप्त नहीं होते और न ही किसी निश्चित क्रम में दोहराए जाते हैं, उसे अनावर्ती दशमलव कहते हैं।
सरल शब्दों में:
> "जिस दशमलव में अंक न तो समाप्त हों और न ही किसी निश्चित क्रम में बार-बार आएँ, वह अनावर्ती दशमलव कहलाता है।"
उदाहरण
π (पाई) = 3.141592653589...
√2 = 1.41421356237...
इनमें अंक लगातार चलते रहते हैं, लेकिन किसी निश्चित क्रम में दोहराए नहीं जाते।
सभी प्रकार एक नज़र में (Summary)
दशमलव का प्रकार पहचान
समाप्त दशमलव (Terminating Decimal) कुछ अंकों के बाद समाप्त हो जाता है।
असमाप्त दशमलव (Non-Terminating Decimal) कभी समाप्त नहीं होता।
आवर्ती दशमलव (Recurring Decimal) एक अंक या अंकों का समूह बार-बार दोहराता है।
अनावर्ती दशमलव (Non-Recurring Decimal) न समाप्त होता है, न किसी निश्चित क्रम में दोहराता है।
याद रखने की आसान ट्रिक (Easy Trick)
✅ रुक जाए → समाप्त दशमलव
✅ चलता रहे → असमाप्त दशमलव
✅ बार-बार दोहराए → आवर्ती दशमलव
✅ न रुके, न दोहराए → अनावर्ती दशमलव
ध्यान रखें (Remember)
समाप्त दशमलव का अंत होता है।
असमाप्त दशमलव का अंत नहीं होता।
आवर्ती दशमलव में अंक बार-बार दोहराते हैं।
अनावर्ती दशमलव में अंक कभी दोहराते नहीं हैं।
दशमलव की तुलना (Comparison of Decimals)
दशमलव (Decimal) संख्याओं की तुलना करना बहुत आसान है। तुलना का अर्थ है यह पता लगाना कि कौन-सी संख्या बड़ी है, कौन-सी छोटी है या दोनों बराबर हैं।
हम तुलना करते समय >, < और = चिन्हों का उपयोग करते हैं।
> = बड़ा है (Greater Than)
< = छोटा है (Less Than)
= = बराबर है (Equal To)
सरल शब्दों में:
> "दशमलव की तुलना करने का अर्थ है यह जानना कि दो या अधिक दशमलव संख्याओं में सबसे बड़ी या सबसे छोटी संख्या कौन-सी है।"
दशमलव की तुलना कैसे करें? (How to Compare Decimals?)
दशमलव की तुलना करने के कुछ आसान नियम हैं। यदि इन्हें क्रम से अपनाया जाए, तो कोई भी प्रश्न आसानी से हल किया जा सकता है।
नियम 1 : पहले पूर्ण संख्या (Whole Number) की तुलना करें।
यदि दशमलव से पहले की संख्या अलग-अलग है, तो पहले उसी की तुलना करें।
उदाहरण
8.5 और 12.3
यहाँ
8 < 12
इसलिए
8.5 < 12.3
एक और उदाहरण
25.75 और 18.99
यहाँ
25 > 18
इसलिए
25.75 > 18.99
नियम 2 : यदि पूर्ण संख्या समान हो, तो दशमलव के बाद वाले अंकों की तुलना करें।
उदाहरण
5.6 और 5.8
दोनों में पूर्ण संख्या 5 है।
अब दशमलव के बाद देखें—
6 < 8
इसलिए
5.6 < 5.8
एक और उदाहरण
12.45 और 12.32
पूर्ण संख्या दोनों में 12 है।
अब देखें—
45 > 32
इसलिए
12.45 > 12.32
नियम 3 : यदि दशमलव के बाद अंकों की संख्या अलग हो, तो आवश्यकता पड़ने पर शून्य (0) जोड़ सकते हैं।
दशमलव के अंत में शून्य जोड़ने से संख्या का मान नहीं बदलता।
उदाहरण
7.5 और 7.50
दोनों बराबर हैं।
7.5 = 7.50
एक और उदाहरण
3.20 और 3.2
दोनों का मान समान है।
3.20 = 3.2
छोटे से बड़े क्रम में लिखना (Ascending Order)
जब संख्याओं को सबसे छोटी से सबसे बड़ी लिखा जाता है, तो उसे आरोही क्रम (Ascending Order) कहते हैं।
उदाहरण
4.8, 2.5, 6.1, 3.9
आरोही क्रम होगा—
2.5 < 3.9 < 4.8 < 6.1
बड़े से छोटे क्रम में लिखना (Descending Order)
जब संख्याओं को सबसे बड़ी से सबसे छोटी लिखा जाता है, तो उसे अवरोही क्रम (Descending Order) कहते हैं।
उदाहरण
4.8, 2.5, 6.1, 3.9
अवरोही क्रम होगा—
6.1 > 4.8 > 3.9 > 2.5
वास्तविक जीवन के उदाहरण (Real-Life Examples)
🛒 खरीदारी
एक दुकान में दो चॉकलेट की कीमत है—
₹25.50 और ₹25.75
यहाँ
₹25.75 अधिक है।
⚖️ वजन
दो बोरे हैं—
25.5 किग्रा और 25.8 किग्रा
यहाँ
25.8 किग्रा अधिक भारी है।
📏 लंबाई
दो रस्सियों की लंबाई—
3.25 मीटर और 3.50 मीटर
यहाँ
3.50 मीटर लंबी है।
⛽ पेट्रोल
एक गाड़ी में 15.2 लीटर पेट्रोल है और दूसरी में 15.8 लीटर।
यहाँ
15.8 लीटर अधिक है।
दशमलव की तुलना करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
❌ 1. केवल दशमलव के बाद वाले अंक देखना।
उदाहरण:
12.5 और 9.9
कुछ विद्यार्थी 9 को बड़ा मान लेते हैं।
सही उत्तर—
12.5 > 9.9
क्योंकि पहले पूर्ण संख्या देखी जाती है।
❌ 2. दशमलव के अंत में लगे शून्य को अलग संख्या समझना।
5.5 = 5.50 = 5.500
तीनों का मान समान है।
❌ 3. अंकों की संख्या देखकर भ्रमित होना।
8.9 और 8.25
कुछ लोग सोचते हैं कि 25 बड़ा है, इसलिए 8.25 बड़ी होगी।
लेकिन
8.9 = 8.90
अब तुलना करें—
90 > 25
इसलिए
8.9 > 8.25
याद रखने की आसान ट्रिक (Easy Trick)
✅ पहले पूर्ण संख्या देखो।
✅ फिर दशमलव के बाद वाले अंक देखो।
✅ आवश्यकता हो तो अंत में 0 जोड़ लो।
✅ सबसे छोटी से बड़ी = आरोही क्रम (Ascending Order)
✅ सबसे बड़ी से छोटी = अवरोही क्रम (Descending Order)
याद रखें (Remember)
> दशमलव की तुलना हमेशा बाएँ (Left) से दाएँ (Right) की जाती है। पहले पूर्ण संख्या देखी जाती है, फिर दशमलव के बाद वाले अंकों की तुलना की जाती है। इससे सही परिणाम प्राप्त होता है।
दशमलव का जोड़ (Addition of Decimals)
अभी हमने दशमलव की तुलना (Comparison of Decimals) करना सीखा। अब हम जानेंगे कि दशमलव संख्याओं का जोड़ (Addition of Decimals) कैसे किया जाता है।
दशमलव का जोड़ करना सामान्य जोड़ जैसा ही होता है। अंतर केवल इतना है कि इसमें दशमलव बिंदु (Decimal Point) को हमेशा एक सीध (Straight Line) में रखा जाता है।
सरल शब्दों में:
> "दशमलव का जोड़ करने के लिए सबसे पहले सभी दशमलव बिंदुओं को एक सीध में लिखें, फिर सामान्य जोड़ की तरह जोड़ करें।"
दशमलव का जोड़ क्या है? (What is Addition of Decimals?)
जब दो या दो से अधिक दशमलव संख्याओं को आपस में जोड़ा जाता है, तो उसे दशमलव का जोड़ कहते हैं।
उदाहरण
2.5 + 3.2 = 5.7
यह दशमलव का जोड़ है।
दशमलव का जोड़ करने के नियम (Rules for Addition of Decimals)
दशमलव का जोड़ करते समय निम्नलिखित नियमों का पालन करें।
✅ नियम 1 : दशमलव बिंदु को एक सीध में लिखें।
यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है।
उदाहरण
12.35
+ 4.20
--------
दोनों दशमलव बिंदु एक ही सीध में हैं।
✅ नियम 2 : यदि किसी संख्या में दशमलव के बाद अंक कम हों, तो अंत में 0 लिख सकते हैं।
उदाहरण
5.4 = 5.40
इससे संख्या का मान नहीं बदलता।
✅ नियम 3 : दाएँ से बाएँ जोड़ करें।
जोड़ हमेशा इकाई (Units) से शुरू होता है।
✅ नियम 4 : जहाँ आवश्यक हो वहाँ कैरी (Carry) लें।
यदि किसी स्थान पर योग 10 या उससे अधिक हो जाए, तो कैरी अगले स्थान पर ले जाएँ।
दशमलव का जोड़ कैसे करें? (Step by Step)
उदाहरण 1
2.5 + 1.3
पहला चरण
दशमलव को एक सीध में लिखें।
2.5
+ 1.3
------
दूसरा चरण
दशमलव के बाद वाले अंक जोड़ें।
5 + 3 = 8
तीसरा चरण
दशमलव से पहले वाले अंक जोड़ें।
2 + 1 = 3
उत्तर
2.5
+1.3
-----
3.8
उदाहरण 2
15.25 + 12.45
15.25
+12.45
-------
दाएँ से जोड़ें।
5 + 5 = 10
0 लिखें, 1 कैरी।
2 + 4 + 1 = 7
दशमलव नीचे उतारें।
5 + 2 = 7
1 + 1 = 2
उत्तर
15.25
+12.45
-------
27.70
उदाहरण 3 (कैरी सहित)
18.75 + 9.48
18.75
+ 9.48
-------
पहला चरण
5 + 8 = 13
3 लिखें, 1 कैरी।
दूसरा चरण
7 + 4 + 1 = 12
2 लिखें, 1 कैरी।
दशमलव नीचे उतारें।
तीसरा चरण
8 + 9 + 1 = 18
8 लिखें, 1 कैरी।
चौथा चरण
1 + 1 = 2
उत्तर
18.75
+ 9.48
-------
28.23
कैरी (Carry) को सरल तरीके से समझें
मान लीजिए—
4.9
+2.8
पहले
9 + 8 = 17
यहाँ 7 लिखेंगे और 1 कैरी अगले स्थान पर ले जाएँगे।
अब
4 + 2 + 1 = 7
उत्तर
4.9
+2.8
-----
7.7
याद रखें:
> कैरी लेने का नियम दशमलव और सामान्य जोड़ दोनों में बिल्कुल समान होता है।
वास्तविक जीवन में दशमलव के जोड़ का उपयोग (Uses of Decimal Addition)
🛒 1. खरीदारी में
एक वस्तु ₹125.50 की है और दूसरी ₹74.25 की।
कुल कीमत
₹125.50 + ₹74.25 = ₹199.75
⚖️ 2. वजन जोड़ने में
एक बोरी का वजन 12.5 किग्रा और दूसरी का 15.8 किग्रा है।
कुल वजन
28.3 किग्रा
⛽ 3. पेट्रोल भरवाने में
पहली बार 5.5 लीटर और दूसरी बार 3.75 लीटर पेट्रोल भरवाया।
कुल पेट्रोल
9.25 लीटर
📏 4. लंबाई मापने में
एक लकड़ी 2.75 मीटर और दूसरी 1.50 मीटर है।
कुल लंबाई
4.25 मीटर
दशमलव का जोड़ करते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
❌ 1. दशमलव बिंदु को एक सीध में न लिखना।
इससे उत्तर गलत हो जाता है।
❌ 2. दशमलव बिंदु लगाना भूल जाना।
उत्तर लिखते समय दशमलव उसी स्थान पर रखें जहाँ ऊपर की संख्याओं में है।
❌ 3. कैरी लेना भूल जाना।
यदि योग 10 या अधिक हो, तो कैरी अवश्य लें।
❌ 4. आवश्यकता होने पर शून्य (0) न जोड़ना।
उदाहरण
5.2 + 3.45
पहले इसे ऐसे लिखें—
5.20
3.45
फिर जोड़ करें।
याद रखने की आसान ट्रिक (Easy Trick)
✅ पहले दशमलव बिंदु मिलाओ।
✅ फिर सामान्य जोड़ की तरह जोड़ करो।
✅ जहाँ ज़रूरत हो, कैरी लो।
✅ अंत में दशमलव बिंदु उसी सीध में लगाओ।
याद रखें (Remember)
> "दशमलव का जोड़ सामान्य जोड़ जैसा ही होता है। केवल एक बात का ध्यान रखें कि सभी दशमलव बिंदु एक सीध में हों। यही सही उत्तर प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका है।"

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