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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस — भारत के दिल की गौरवमयी पहचान एवं 1 नवंबर: भारत के छह राज्यों का स्थापना दिवस – एक गौरवशाली इतिहास

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नमस्कार दोस्तों! मैं भूपेन्द्र दहिया, आज 1 नवम्बर के इस खास दिन पर आपका स्वागत करता हूँ। जैसे कि हम सभी जानते हैं, आज का दिन मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।लेकिन क्या आप जानते हैं कि 1 नवम्बर सिर्फ मध्यप्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण दिन है? जी हाँ दोस्तों, आज के ही दिन भारत के कई प्रमुख राज्यों की नींव रखी गई थी, जिनका गठन भाषाई और प्रशासनिक आधार पर किया गया था। 🇮🇳 1 नवंबर — राज्य स्थापना दिवसों का ऐतिहासिक दिन भारत का इतिहास अनेक राज्यों की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता से भरा है। हर साल  1 नवंबर  का दिन खास होता है क्योंकि इस दिन  कई भारतीय राज्यों का गठन  हुआ था। इसे भारत के  "राज्य पुनर्गठन दिवस"  के रूप में भी जाना जाता है। तो चलिए इस ब्लॉग में जानते हैं — 👉 “1 नवम्बर को किन–किन राज्यों का स्थापना दिवस मनाया जाता है, उनका इतिहास और महत्व क्या है?” 🏞️ मध्यप्रदेश स्थापना दिवस क्या है? हर साल 1 नवंबर को मध्यप्रदेश अपना स्थापना दिवस मनाता है। यह दिन उस ऐतिहासिक पल की याद दिलाता है जब 1956 ...

Principle of Marketing Management – आधुनिक विपणन की दिशा में एक मार्गदर्शक पुस्तक | सोनू दहायत और डॉ. शिवांगी दाहिया

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नमस्कार दोस्तों! मैं  भूपेन्द्र दाहिया। आज हम बात करेंगे “Principle of Marketing Management – आधुनिक विपणन की दिशा में एक मार्गदर्शक पुस्तक” के बारे में। यह पुस्तक मार्केटिंग के सिद्धांतों को सरल हिन्दी में समझाती है और छात्रों, शिक्षकों तथा व्यवसायियों के लिए बहुत उपयोगी है।और आज के ब्लॉग में हम बात करने वाले हैं “मार्केट” यानी बाज़ार के बारे में। आज के समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो मार्केट की चर्चा न करता हो। शिक्षा प्रणाली (Education System) में भी अब मार्केटिंग एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है, क्योंकि आज के युग में मार्केट को समझना हमारे दैनिक जीवन का जरूरी हिस्सा बन चुका है। सुबह से लेकर शाम तक, हमारी हर ज़रूरत किसी न किसी रूप में मार्केट से जुड़ी हुई है — चाहे हम व्यापारी हों या ग्राहक। इसी बीच, मैं आपके लिए लेकर आया हूँ एक बेहद उपयोगी और सरल हिन्दी पुस्तक — जिसे लिखा है श्री  सोनू दहायत और  डॉ. शिवांगी दाहिया ने। इस ब्लॉग में हम इस पुस्तक के माध्यम से जानेंगे कि मार्केटिंग के सिद्धांत (Principles of Marketing) क्या हैं और यह पुस्तक हमारे सीखने के लिए क्यों...

दीपदान और दीवाली का उत्सव — रंग-बिरंगी यादें और ताज़ा ख़रीदारी

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नमस्कार दोस्तों, मैं भुपेंद्र दाहिया। आज मैं आप सबके सामने हमारे सबसे बड़े त्यौहार — दीपावली (दिपदान) के बारे में अपने अनुभव और त्योहार की खुशी बाँट रहा हूँ। सबसे पहले आप सभी को दीपावली एवं धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ।  dahiya pariwar ki tarf se happy diwali दीपावली क्यों खास है? त्योहार हमारे जीवन में एक विशेष स्थान रखते हैं — ये केवल जशन नहीं, बल्कि हमारी मनोस्थिति, परंपरा और सामाजिक मेलजोल का उत्सव हैं। दीपावली में घर-घर उजाला, साफ-सफाई और मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है। वैज्ञानिक रूप से देखें तो यह अंधकार से प्रकाश की ओर एक प्रतीकात्मक यात्रा भी है — पर यही तो त्योहारों की खूबसूरती है: तर्क के बावजूद उनमें जो भावनात्मक जोश है, वह समाज को जोड़ता है। मेरे घर का उत्सव — धनतेरस से लेकर दीपदान तक धनतेरस (पहला दिन) — इस दिन बाजारों में एक अलग ही उत्साह दिखता है। लोग खरीदारी के प्लान लेकर आते हैं। इस वर्ष मैंने–दीपावली के त्योहार की ख़ुशी में एक नया कंप्यूटर खरीदा — यह मेरे लिए विशेष पल था। धनतेरस पर नई ख़रीदी — मेरा नया कंप्यूटर (खुशी का पल) https://dahiyabhupend.blogspot.c...

🌺 “दाहिया दहायत चेतना सृजन बुक” — समाज चेतना की यात्रा से मातृशक्ति सम्मान तक

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 “जिस समाज का अपना इतिहास नहीं होता, उसका वर्तमान कमजोर और भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इतिहास किसी समाज की आत्मा होता है — और आत्मा के बिना कोई अस्तित्व नहीं टिकता।” “A society without its own history loses the strength of its present and the light of its future.” बहुत सुंदर और सार्थक पहल  सोनू दहायत जी  कि आप सभी लोगों के सामने इस ब्लॉग में अपके सामने लाया हूं जिसमे इनका  उद्देश्य — “दाहिया दहायत चेतना सृजन बुक” के तीनों संस्करणों को जोड़कर समाज में जागरूकता फैलाना — वाकई प्रेरणादायक है। यहाँ मैं आपको एक पूरा तैयार ब्लॉग लेख दे रहा हूँ जिसे आप सीधे तौर शेयर करके लोगों  तक जानकारी पहुंचा कर के इस कदम को आगे बढ़ाने में सोनू दहायत जी कि समाज सेवा जागरूकता कि उपलब्द हों होंगी ( https://dahiyabhupend.blogspot.com ) 🌺 “दाहिया दहायत चेतना सृजन बुक” — समाज चेतना की यात्रा से मातृशक्ति सम्मान तक ✍️ लेखक – भूपेंद्र दाहिया नमस्कार साथियो, आज मैं आप सभी के साथ एक ऐसी सामाजिक यात्रा साझा करना चाहता हूँ जो केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि हमारे समाज की आत्मा की अभिव्...

गुजरात का नया साल – Bestu Varas क्या है? | भारत के अलग-अलग नए सालों की परंपरा

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..* 🌸 गुजरात का नया साल – Bestu Varas 🌸 साल मुबारक! नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏 दीपावली के अगले दिन, जब चारों ओर रोशनी और खुशियों की गूंज होती है, तब गुजरात में मनाया जाता है नए साल का पर्व — " Bestu Varas " । यह दिन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि नई शुरुआत, नई ऊर्जा और नए संकल्पों का प्रतीक है। गुजरात में यह दिन विक्रम संवत के नए साल के रूप में माना जाता है। दीपावली की अमावस्या के बाद का सूर्योदय जब होता है, उसी क्षण से नया वर्ष शुरू होता है। इसीलिए इसे Bestu Varas कहा जाता है, जिसका अर्थ है — “नया वर्ष”। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और भगवान लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं। व्यापारी अपने नए खातों (Chopda Pujan) की शुरुआत करते हैं, ताकि आने वाला वर्ष समृद्धि से भरा हो। लोग एक-दूसरे से मिलकर कहते हैं — 🎉 “Saal Mubarak!” या “Nutan Varshabhinandan!” और मिठाइयों से एक-दूसरे की मिठास बढ़ाते हैं। इस दिन का संदेश है — ✨ “पुराने दुःखों को पीछे छोड़कर, नई रोशनी और उम्मीद के साथ आगे बढ़ो।” 📅 2025 में Bestu Varas (Gujarati ...

छठ महापर्व 2025 : आस्था, अनुशासन और प्रकृति का संगम

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छठ महापर्व 2025 : आस्था, अनुशासन और प्रकृति का संगम लेखक – भूपेन्द्र दाहिया 🌅 छठ पूजा का परिचय भारत की सांस्कृतिक धारा में अनेक पर्व और व्रत हैं, लेकिन उनमें से छठ पूजा सबसे पवित्र और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह पर्व सूर्य देव और उनकी बहन छठी मैया (उषा) को समर्पित है। सूर्य को ऊर्जा, जीवन और स्वास्थ्य का स्रोत माना गया है, इसलिए यह पर्व मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का प्रतीक है। छठ पूजा मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़े ही श्रद्धा और उल्लास से मनाई जाती है, लेकिन अब यह पूरे भारत और विदेशों तक फैल चुकी है। छठ पूजा 2025 📅 छठ पूजा 2025 की तिथियाँ पर्व चरण तिथि (2025) विवरण नहाय-खाय 25 अक्टूबर (शनिवार) श्रद्धालु पवित्र स्नान कर सात्विक भोजन करते हैं। खरना (लोहंडा) 26 अक्टूबर (रविवार) गुड़-चावल का प्रसाद बनाकर निर्जला उपवास की शुरुआत। संध्या अर्घ्य 27 अक्टूबर (सोमवार) डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, यह दिन सबसे भव्य होता है। उषा अर्घ्य 28 अक्टूबर (मंगलवार) उगते सूर्य को अर्...

भारत के बैंक क्या हैं? — आसान भाषा में पूरी जानकारी

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नमस्कर दोस्तो मैं भूपेंद्र दाहिया आज आप सब लोगों के बीच बेहद ख़ास जानकारी साझा कर रहा हूं जो की आज के अधुनिक जीवन में एक महत्त्व पूर्ण हैं। दोस्तो जैसे कि हम जानते हैं हमारे जीवन हर दिन कि आजीविका चलाने लिए पैसे जरूरी साबित हो गए हैं। तो दोस्तो पैसे से जुड़े एक महत्त्व पूर्ण पैसे का संस्थान बैंक हैं इस ब्लॉग में हम बैंक को सरल तरीके से समझेंगे जो आज के जीवन में बेहद जरुरी हैं। तो चालिए दोस्तों सबसे पहले बैंक परिचाय जानते हैं बैंक होता क्या है? अथवा बैंक क्या है? बैंक की आधारभूत पूर्ण जानकारियां  परिचय — बैंक क्या है? बैंक एक ऐसी संस्था है जहाँ लोग अपना पैसा सुरक्षित रखवा सकते हैं, पैसा उधार (loan) ले सकते हैं, और रोज़मर्रा के लेन-देन कर सकते हैं। बैंक हमारे पैसों को सुरक्षित रखने, काम करने और बढ़ाने में मदद करते हैं। अब जानते हैं बैंक सुरू कहा से हुआ आया कैसे  बैंक कब और कैसे शुरू हुए — एक छोटा इतिहास (सरल) पुराने समय में लोग पैसा उधार देने वाले और जमींदारों पर निर्भर करते थे। आधुनिक बैंकिंग की शुरुआत अंग्रेज़ों के समय शुरू हुई — 1700-1800 के दशक में भारत में कुछ पहली बैं...