रक्षाबंधन
"रक्षाबंधन सिर्फ एक धागा नहीं, यह भाई-बहन के अटूट प्रेम और भरोसे का अनमोल प्रतीक है।" दोस्तों , आप सभी जानते हैं कि हमारे देश में त्योहारों का बहुत ही विशेष महत्व है। ये हमारी रीत-रिवाज, परंपरा और संस्कृति को दर्शाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हर त्योहार हमें अपने परिवार के साथ मिलकर मनाने की खुशियाँ देता है। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कोई सैन्य सेवा में देश की रक्षा कर रहा है, तो कोई नौकरी या पढ़ाई के कारण घर से दूर है। ऐसे में त्योहार हमें हमारे बचपन की यादें दिला देते हैं और चेहरे पर एक अनोखी मुस्कान ला देते हैं। इस साल रक्षाबंधन के अवसर पर मैं गुजरात से रीवा अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने घर आ रहा था। ट्रेन में सफर करते हुए मेरे मन में आया कि क्यों न इस बार रक्षाबंधन के बारे में विस्तार से जाना जाए। त्योहार की अलग ही खुशी थी, तो चलिए इस ब्लॉग में जानते हैं – रक्षाबंधन का इतिहास, आज का स्वरूप और हमारे संविधान में इसका स्थान। 1️⃣ रक्षाबंधन का इतिहास 📜 पौराणिक कथा – श्रीकृष्ण और द्रौपदी महाभारत के अनुसार, जब श्रीकृष्ण की उंगली कट गई, तो द्रौपदी ने अ...