“मैं चाचा बन गया: फरवरी हमारे परिवार के लिए क्यों खास है”
फरवरी की खुशियाँ: जब परिवार में गूँजी नई किलकारी नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आप सभी का मेरे ब्लॉग में। आमतौर पर मैं अपने ब्लॉग में शिक्षा, समाज और महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखता हूँ। लेकिन आज का लेख थोड़ा अलग है। आज मैं अपने परिवार की एक बड़ी खुशी आप सभी के साथ साझा करना चाहता हूँ। दोस्तों, हमारे दाहिया परिवार ( ग्राम धौचट, जिला रीवा ) के लिए फरवरी का महीना हमेशा से खुशियाँ लेकर आया है। और इस बार तो इस महीने ने हमारे जीवन में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। सबसे पहले मैं अपने बड़े भाई रवि दाहिया जी और भाभी उर्वशी (मंजीत) जी को पुत्र रत्न की प्राप्ति पर हृदय से बधाई देता हूँ। अत्यंत प्रसन्नता और गर्व के साथ मैं यह लेख लिख रहा हूँ — क्योंकि मैं चाचा बन गया हूँ। मुझे याद आता है कि अपनी स्कूल लाइफ में मैंने एक कविता पढ़ी थी — “जाड़े से जनवरी भारी, फूल लिए फरवरी खड़ी।” आज सच में लगता है कि फरवरी हमारे परिवार के लिए फूलों की तरह खुशियाँ लेकर खड़ी रहती है। कुछ वर्ष पहले 26 फरवरी को मेरे बड़े भैया बृजेश दाहिया जी के घर पुत्र रोहन का जन्म हुआ था। फिर 25 फरवरी को हमारी चचेरी बहन प्रिया के य...