घटाव (Subtraction) क्या है? | इतिहास, परिभाषा, नियम, Borrow, महत्व, उपयोग और आसान विधि | गणित सीखें : Zero to Hero – ब्लॉग 6
ब्लॉग 6 : घटाव (Subtraction) क्या है?
परिचय (Introduction)
नमस्कार दोस्तों,
"गणित सीखें : Zero to Hero" श्रृंखला के पिछले ब्लॉग में हमने जोड़ (Addition) के बारे में विस्तार से सीखा। हमने जाना कि जोड़ का उपयोग दो या दो से अधिक संख्याओं को मिलाकर उनका कुल मान ज्ञात करने के लिए किया जाता है। जोड़ गणित की सबसे पहली और महत्वपूर्ण क्रियाओं में से एक है।
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आज हम गणित की दूसरी मूलभूत क्रिया घटाव (Subtraction) को सरल भाषा में समझेंगे। जब किसी संख्या में से कुछ कम करना हो, किसी वस्तु का बचा हुआ भाग जानना हो या दो संख्याओं के बीच का अंतर पता करना हो, तब घटाव का उपयोग किया जाता है। चाहे जेब खर्च का हिसाब रखना हो, बैंक खाते से पैसे निकालने हों, परीक्षा में प्राप्त अंक जानने हों या दुकान में बची हुई वस्तुओं की संख्या निकालनी हो, हर जगह घटाव का उपयोग होता है।
इस ब्लॉग में हम घटाव का इतिहास, परिभाषा, चिन्ह, नियम, उधार (Borrow), महत्व, दैनिक जीवन में उपयोग, आसान विधि और अभ्यास प्रश्नों को सरल भाषा में समझेंगे।
घटाव क्या है? (What is Subtraction?)
जब किसी संख्या में से दूसरी संख्या को कम करके शेष (Remaining) या अंतर (Difference) ज्ञात किया जाता है, तो उसे घटाव (Subtraction) कहते हैं।
सरल शब्दों में:
> "किसी संख्या में से कुछ कम करने या निकालने की प्रक्रिया को घटाव कहते हैं।"
उदाहरण (Example)
मान लीजिए आपके पास 10 आम हैं।
आपने अपने मित्र को 3 आम दे दिए।
अब आपके पास बचे:
10 − 3 = 7
अर्थात आपके पास 7 आम बचे।
गिनती और घटाव का संबंध (Relationship Between Counting and Subtraction)
जिस प्रकार जोड़ आगे की गिनती है, उसी प्रकार घटाव पीछे की गिनती है।
यदि हमें 8 − 3 करना है तो हम 8 से तीन कदम पीछे गिनते हैं।
8 → 7 → 6 → 5
उत्तर = 5
इसी कारण छोटे बच्चों को पहले गिनती सिखाई जाती है, फिर जोड़ और उसके बाद घटाव सिखाया जाता है।
घटाव की शुरुआत कैसे हुई? (Origin of Subtraction)
प्राचीन समय में जब लोग व्यापार, खेती और पशुपालन करने लगे, तब उन्हें यह जानने की आवश्यकता हुई कि उनके पास कितनी वस्तुएँ बची हैं।
उदाहरण के लिए यदि किसान के पास 20 बोरी अनाज थीं और उसने 5 बोरी बेच दीं, तो उसे यह जानना था कि अब कितनी बोरी बची हैं।
इसी आवश्यकता से घटाव का विकास हुआ।
आज बैंकिंग, व्यापार, विज्ञान, इंजीनियरिंग और शिक्षा जैसे लगभग सभी क्षेत्रों में घटाव का उपयोग होता है।
घटाव की परिभाषा (Definition of Subtraction)
> दो संख्याओं के बीच अंतर ज्ञात करने या किसी संख्या में से दूसरी संख्या को कम करने की प्रक्रिया को घटाव (Subtraction) कहते हैं।
घटाव का चिन्ह (Subtraction Symbol)
घटाव को दर्शाने के लिए − (Minus) चिन्ह का उपयोग किया जाता है।
उदाहरण
15 − 6 = 9
यहाँ
15 = बड़ी संख्या
6 = घटाई जाने वाली संख्या
− = घटाव का चिन्ह
9 = अंतर
क्या Minus (−) का अर्थ हमेशा घटाना होता है? (Is Minus Always Subtraction?)
अधिकतर स्थितियों में − का अर्थ घटाना होता है, लेकिन ऋणात्मक संख्याओं में इसका अर्थ बदल सकता है।
उदाहरण
8 − 3 = 5
यह सामान्य घटाव है।
लेकिन
8 − (−3)
यहाँ दो माइनस हैं।
नियम:
Minus × Minus = Plus
इसलिए
8 − (−3)
= 8 + 3
= 11
जोड़ और घटाव का संबंध (Relationship Between Addition and Subtraction)
जोड़ और घटाव एक-दूसरे की विपरीत (Opposite) क्रियाएँ हैं।
यदि
8 + 2 = 10
तो
10 − 2 = 8
और
10 − 8 = 2
अर्थात यदि जोड़ आता है तो घटाव सीखना बहुत आसान हो जाता है।
ऋणात्मक संख्याओं को जोड़ना (Adding Negative Numbers)
मान लीजिए आपने राम से ₹100 उधार लिए और श्याम से भी ₹100 उधार लिए। इसका अर्थ है कि आपके ऊपर दोनों का ऋण (Debt) है।
गणित में उधार या कर्ज़ को ऋणात्मक संख्या (Negative Number) माना जाता है।
इसे इस प्रकार लिखेंगे:
(-100) + (-100) = -200
अर्थात अब आपके ऊपर कुल ₹200 का ऋण है।
समझने की बात:
यहाँ हमने दोनों राशियों को जोड़ा है, इसलिए ₹100 + ₹100 = ₹200 हुआ। लेकिन क्योंकि दोनों राशियाँ ऋण (Negative) हैं, इसलिए उत्तर का चिन्ह भी ऋणात्मक (-) ही रहेगा।
> याद रखें: यदि एक ही प्रकार की दो ऋणात्मक संख्याओं को जोड़ा जाता है, तो उनके मान जुड़ जाते हैं, लेकिन उत्तर का चिन्ह ऋणात्मक (−) ही रहता है।
उदाहरण:
(-20) + (-30) = -50
(-50) + (-10) = -60
(-100) + (-100) = -200न
यह उदाहरण विद्यार्थियों को ऋणात्मक संख्याओं के जोड़ को वास्तविक जीवन से जोड़कर आसानी से समझने में मदद करेगा।
घटाव में प्रयुक्त महत्वपूर्ण शब्द (Important Terms Used in Subtraction)
✅ 1. घटाई जाने वाली संख्या (Subtrahend)
जिस संख्या को दूसरी संख्या में से घटाया जाता है, उसे घटाई जाने वाली संख्या कहते हैं।
उदाहरण
15 − 7 = 8
यहाँ 7 घटाई जाने वाली संख्या है।
✅ 2. मूल संख्या (Minuend)
जिस संख्या में से घटाव किया जाता है, उसे मूल संख्या कहते हैं।
उदाहरण
15 − 7 = 8
यहाँ 15 मूल संख्या है।
✅ 3. अंतर (Difference)
घटाव करने के बाद जो उत्तर प्राप्त होता है, उसे अंतर कहते हैं।
उदाहरण
15 − 7 = 8
यहाँ 8 अंतर है।
घटाव की विशेषताएँ (Characteristics of Subtraction)
घटाव (Subtraction) की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ होती हैं, जिन्हें समझने से घटाव करना और भी आसान हो जाता है।
✅ 1. घटाव से बची हुई मात्रा ज्ञात होती है।
जब किसी वस्तु, संख्या या राशि में से कुछ कम कर दिया जाता है, तो कितना बचा है यह जानने के लिए घटाव किया जाता है।
उदाहरण:
आपके पास 10 पेन हैं। आपने अपने मित्र को 4 पेन दे दिए।
अब आपके पास:
10 − 4 = 6 पेन
अर्थात आपके पास 6 पेन बचे। इसलिए घटाव हमें शेष (Remaining) मात्रा बताता है।
✅ 2. घटाव से दो संख्याओं का अंतर ज्ञात होता है।
जब हमें यह जानना हो कि दो संख्याओं के बीच कितना अंतर है, तब घटाव का उपयोग किया जाता है।
उदाहरण:
राहुल की आयु 18 वर्ष है और मोहन की आयु 15 वर्ष है।
दोनों की आयु में अंतर:
18 − 15 = 3 वर्ष
अर्थात राहुल, मोहन से 3 वर्ष बड़ा है।
✅ 3. घटाव में क्रम बदलने पर उत्तर बदल जाता है।
घटाव में संख्याओं का क्रम (Order) बहुत महत्वपूर्ण होता है। यदि बड़ी और छोटी संख्या का स्थान बदल दिया जाए, तो उत्तर भी बदल जाता है।
उदाहरण:
8 − 3 = 5
लेकिन,
3 − 8 = −5
पहले उदाहरण में उत्तर 5 है, जबकि दूसरे में −5। इसलिए घटाव में हमेशा सही क्रम का ध्यान रखना चाहिए।
✅ 4. किसी संख्या में से 0 घटाने पर संख्या नहीं बदलती।
यदि किसी संख्या में से 0 घटाया जाए, तो उस संख्या का मान वही रहता है। क्योंकि 0 का अर्थ है – कुछ भी नहीं।
उदाहरण:
25 − 0 = 25
100 − 0 = 100
अर्थात यदि कुछ भी नहीं निकाला गया, तो संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
✅ 5. किसी संख्या में से वही संख्या घटाने पर उत्तर 0 आता है।
यदि किसी संख्या में से उसी संख्या को घटा दिया जाए, तो कुछ भी शेष नहीं बचता। इसलिए उत्तर 0 होता है।
उदाहरण:
15 − 15 = 0
250 − 250 = 0
अर्थात यदि आपके पास 15 वस्तुएँ थीं और आपने सभी 15 वस्तुएँ दे दीं, तो आपके पास 0 वस्तुएँ बचेंगी।
याद रखें (Remember)
घटाव हमें बची हुई मात्रा (Remaining Value) और दो संख्याओं के बीच का अंतर (Difference) बताता है। घटाव में संख्याओं का क्रम बदलने से उत्तर बदल जाता है, जबकि 0 घटाने पर संख्या नहीं बदलती और किसी संख्या में से वही संख्या घटाने पर उत्तर हमेशा 0 होता है। 📚✍️
घटाव कैसे करें? (How to Perform Subtraction?)
घटाव करने के लिए सबसे पहले संख्याओं को स्थानिक मान (Place Value) के अनुसार लिखें। अर्थात इकाई (Ones) के नीचे इकाई, दहाई (Tens) के नीचे दहाई, सैकड़ा (Hundreds) के नीचे सैकड़ा रखें। इसके बाद दाईं ओर (इकाई) से घटाव करना शुरू करें।
बिना उधार का घटाव (Subtraction Without Borrow)
जब ऊपर की संख्या नीचे की संख्या से बड़ी या बराबर हो, तब बिना उधार के आसानी से घटाव किया जाता है।
उदाहरण
48
- 25
-----
23
समझिए:
इकाई: 8 − 5 = 3
दहाई: 4 − 2 = 2
उत्तर = 23
उधार (Borrow) क्या होता है? (What is Borrow?)
कई बार घटाव करते समय ऊपर की संख्या नीचे की संख्या से छोटी होती है। ऐसी स्थिति में अगले बड़े स्थान (दहाई, सैकड़ा आदि) से 1 उधार लिया जाता है। इसे उधार (Borrow) कहते हैं।
सरल शब्दों में:
> "जब किसी स्थान पर ऊपर की संख्या छोटी हो और घटाव संभव न हो, तब अगले स्थान से 1 लेकर घटाव किया जाता है। इसे उधार (Borrow) कहते हैं।"
उधार क्यों लेना पड़ता है? (Why Do We Borrow?)
यदि हमारे पास 2 रुपये हैं और हमें 5 रुपये देने हैं, तो केवल 2 रुपये से भुगतान नहीं हो सकता। हमें 10 रुपये का नोट लेना पड़ेगा। गणित में भी यही नियम लागू होता है।
उधार को सरल उदाहरण से समझें
उदाहरण
32
- 15
-----
पहला चरण (Step 1):
इकाई में 2 है और नीचे 5 है।
2, 5 से छोटा है, इसलिए दहाई से 1 उधार लेंगे।
दहाई का 3 घटकर 2 रह जाएगा।
उधार लिया गया 1 दहाई = 10 इकाई
अब 2 + 10 = 12
दूसरा चरण (Step 2):
12 − 5 = 7
तीसरा चरण (Step 3):
अब दहाई में 2 बचा है।
2 − 1 = 1
उत्तर:
32
- 15
-----
17
सैकड़ा में उधार (Borrow from Hundreds)
उदाहरण
154
- 78
-----
समझिए:
इकाई:
4, 8 से छोटा है।
दहाई से 1 उधार लिया।
14 − 8 = 6
अब दहाई में 5 की जगह 4 बचा।
4 − 7 नहीं हो सकता।
अब सैकड़ा से 1 उधार लिया।
14 − 7 = 7
सैकड़ा में 1 की जगह 0 बचा।
उत्तर:
76
घटाव के नियम (Rules of Subtraction)
✅ 1. हमेशा स्थानिक मान के अनुसार संख्या लिखें।
अर्थात इकाई के नीचे इकाई, दहाई के नीचे दहाई और सैकड़ा के नीचे सैकड़ा लिखें। इससे घटाव सही होगा।
✅ 2. घटाव हमेशा दाईं ओर (इकाई) से शुरू करें।
पहले इकाई, फिर दहाई, फिर सैकड़ा का घटाव करें।
✅ 3. यदि ऊपर की संख्या छोटी हो तो उधार लें।
जब किसी स्थान पर ऊपर की संख्या नीचे की संख्या से छोटी हो, तब अगले बड़े स्थान से 1 उधार लेकर घटाव करें।
✅ 4. किसी संख्या में से 0 घटाने पर संख्या नहीं बदलती।
उदाहरण
45 − 0 = 45
✅ 5. किसी संख्या में से वही संख्या घटाने पर उत्तर 0 आता है।
उदाहरण
36 − 36 = 0
✅ 6. घटाव में क्रम बदलने पर उत्तर बदल जाता है।
उदाहरण
9 − 5 = 4
लेकिन
5 − 9 = −4
इसलिए घटाव में संख्याओं का क्रम बहुत महत्वपूर्ण होता है।
घटाव का महत्व (Importance of Subtraction)
✅ बची हुई वस्तुओं की संख्या जानने में
यदि आपके पास 20 पेन थे और 8 दे दिए, तो कितने बचे? इसका उत्तर घटाव से मिलता है।
✅ दो संख्याओं का अंतर ज्ञात करने में
कौन बड़ा है और कितना बड़ा है, यह घटाव से पता चलता है।
✅ बैंक और व्यापार में
पैसे निकालने, खर्च का हिसाब रखने और लाभ-हानि की गणना में घटाव का उपयोग किया जाता है।
✅ शिक्षा में
परीक्षा के प्राप्तांक और शेष अंक निकालने में घटाव का उपयोग होता है।
✅ दैनिक जीवन में
खरीदारी, समय की गणना, यात्रा, खेती, व्यवसाय और घरेलू बजट में घटाव का उपयोग किया जाता है।
दैनिक जीवन में घटाव का उपयोग (Uses of Subtraction in Daily Life)
घटाव (Subtraction) का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में लगभग हर दिन करते हैं। जब भी हमें यह जानना होता है कि कितनी वस्तुएँ बची हैं, कितना खर्च हुआ है या दो संख्याओं में कितना अंतर है, तब घटाव का उपयोग किया जाता है।
✅ 1. खरीदारी करते समय (While Shopping)
जब हम किसी वस्तु को खरीदने के बाद बचे हुए पैसे जानना चाहते हैं, तब घटाव का उपयोग करते हैं।
उदाहरण:
आपके पास ₹500 हैं।
आपने ₹320 की खरीदारी की।
बचे हुए पैसे:
500 − 320 = ₹180
✅ 2. बैंक खाते का हिसाब रखने में (Banking)
जब बैंक खाते से पैसे निकाले जाते हैं, तो शेष राशि जानने के लिए घटाव किया जाता है।
उदाहरण:
बैंक बैलेंस = ₹15,000
निकाले गए पैसे = ₹4,000
शेष राशि:
15,000 − 4,000 = ₹11,000
✅ 3. परीक्षा के अंक निकालने में (Examination)
कुल अंक और प्राप्त अंक के आधार पर कितने अंक कम आए, यह घटाव से पता चलता है।
उदाहरण:
कुल अंक = 100
प्राप्त अंक = 78
कम अंक:
100 − 78 = 22
✅ 4. व्यापार में लाभ-हानि का हिसाब रखने में (Business)
व्यापारी खर्च और आय का अंतर जानने के लिए घटाव का उपयोग करते हैं।
उदाहरण:
कुल बिक्री = ₹25,000
कुल खर्च = ₹18,000
बचा हुआ लाभ:
25,000 − 18,000 = ₹7,000
✅ 5. खेती और उत्पादन में (Farming)
किसान कुल उत्पादन में से बेची गई या उपयोग की गई फसल घटाकर शेष फसल का पता लगाते हैं।
उदाहरण:
कुल गेहूँ = 80 क्विंटल
बेचा = 30 क्विंटल
शेष:
80 − 30 = 50 क्विंटल
✅ 6. समय की गणना में (Time Calculation)
दो समयों के बीच का अंतर ज्ञात करने के लिए भी घटाव किया जाता है।
उदाहरण:
सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक
2:00 − 9:00 = 5 घंटे
✅ 7. घर के बजट में (Home Budget)
घर की कुल आय में से महीने का खर्च घटाकर बची हुई राशि निकाली जाती है।
उदाहरण:
मासिक आय = ₹30,000
मासिक खर्च = ₹24,500
बचत:
30,000 − 24,500 = ₹5,500
घटाव सीखने की आसान विधि (Easy Way to Learn Subtraction)
यदि आप घटाव को आसानी से सीखना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए सरल तरीकों का पालन करें।
✅ 1. पहले गिनती अच्छी तरह सीखें (Learn Counting First)
घटाव सीखने से पहले आगे और पीछे दोनों प्रकार की गिनती अच्छी तरह आनी चाहिए। पीछे की गिनती (Backward Counting) घटाव को बहुत आसान बना देती है।
उदाहरण:
10 से पीछे गिनें:
10, 9, 8, 7...
✅ 2. पहले बिना उधार वाले प्रश्न हल करें (Start Without Borrow)
शुरुआत में ऐसे प्रश्न हल करें जिनमें उधार लेने की आवश्यकता न पड़े।
उदाहरण:
18 − 5 = 13
✅ 3. उसके बाद उधार वाले प्रश्न सीखें (Learn Borrow Method)
जब सामान्य घटाव अच्छी तरह समझ आ जाए, तब उधार (Borrow) वाले प्रश्नों का अभ्यास करें।
उदाहरण:
42 − 18 = 24
✅ 4. रोज़ अभ्यास करें (Practice Daily)
प्रतिदिन 10–15 मिनट घटाव का अभ्यास करने से गति और शुद्धता दोनों बढ़ती हैं।
✅ 5. दैनिक जीवन में घटाव का उपयोग करें (Use It in Daily Life)
खरीदारी, बैंक बैलेंस, जेब खर्च और समय की गणना में स्वयं घटाव करने की आदत डालें।
✅ 6. मानसिक गणना का अभ्यास करें (Practice Mental Calculation)
छोटी संख्याओं का घटाव बिना कॉपी या कैलकुलेटर के मन में करने का प्रयास करें।
उदाहरण:
50 − 20 = ?
उत्तर तुरंत सोचें:
30
निष्कर्ष (Conclusion)
घटाव (Subtraction) गणित की सबसे महत्वपूर्ण मूलभूत क्रियाओं में से एक है। यह हमें किसी संख्या में से दूसरी संख्या को कम करके शेष मात्रा (Remaining Value) या अंतर (Difference) ज्ञात करना सिखाता है। दैनिक जीवन में खरीदारी, बैंकिंग, व्यापार, खेती, शिक्षा, समय की गणना और घरेलू बजट जैसे अनेक कार्यों में घटाव का उपयोग होता है।
यदि जोड़ और घटाव दोनों अच्छी तरह समझ लिए जाएँ, तो आगे गुणा (Multiplication), भाग (Division), प्रतिशत (Percentage) और बीजगणित (Algebra) जैसे विषय सीखना बहुत आसान हो जाता है।
> "जोड़ हमें कुल मात्रा बताता है, जबकि घटाव हमें बची हुई मात्रा और दो संख्याओं के बीच का अंतर बताता है। इसलिए घटाव गणित की मजबूत नींव का एक महत्वपूर्ण आधार है।"
अगले ब्लॉग में
ब्लॉग 7 : गुणा (Multiplication) क्या है?
इस ब्लॉग में हम गुणा का इतिहास, परिभाषा, जोड़ और गुणा का संबंध, गुणा का चिन्ह, पहाड़े, गुणा की विधियाँ, महत्व, दैनिक जीवन में उपयोग और अभ्यास प्रश्नों को बहुत सरल भाषा में समझेंगे। 📚✍️
लेखक: भूपेंद्र दाहिया
ब्लॉग: dahiyabhupend.blogspot.com
PPC Coaching Class (PPC), Dhauchat, Rewa (M.P.) 📚✍️

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