दाहिया–दहायत समाज नववर्ष मिलन समारोह 2026 | सामाजिक कैलेंडर एवं चेतना सृजन पुस्तकों का भव्य विमोचन, नागौद
नमस्कार दोस्तों,
आप सभी का इस सामाजिक लेख में हार्दिक स्वागत है। आज हमारा दाहिया–दहायत समाज जिस तरह संगठित होकर गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है, वह वास्तव में प्रशंसनीय है। एक विचार, एक उद्देश्य और सामाजिक एकता को सशक्त करने में समाज अपनी मूलभूत भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में समाज द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर नववर्ष मिलन समारोह आयोजित किए जा रहे हैं, जो सामाजिक एकता और आपसी संवाद को मजबूत कर रहे हैं।
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| नागौद नववर्ष मिलन समारोह |
इसी कड़ी में मेरे द्वारा पुणे में आयोजित दाहिया–दहायत समाज के सामाजिक नववर्ष मिलन समारोह (दिनांक 01 जनवरी 2026) पर एक अलग और विस्तृत लेख तैयार किया गया था। यह आयोजन सामाजिक सौहार्द और आपसी जुड़ाव पर केंद्रित था, इस उस लेख को आप नीचे दिए गए लिंक पर पढ़ सकते हैं—
👉 पुणे नववर्ष मिलन समारोह 2026 (विशेष लेख):
इसके पश्चात नागौद में आयोजित नववर्ष मिलन समारोह 2026 समाज के लिए विशेष रूप से ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यहीं पर सामाजिक कैलेंडर 2026 तथा ‘दाहिया–दहायत चेतना सृजन’ सहित पुस्तकों का विधिवत विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम ने समाज को वैचारिक दिशा, संगठनात्मक मजबूती और भावी सामाजिक योजनाओं का स्पष्ट संदेश दिया।
दिनांक: 04 जनवरी 2026
समय: सुबह 11 बजे से
स्थान: स्वयंवर पैलेस, सब्जी मंडी के पास, दीपक इलेक्ट्रॉनिक के सामने, नागौद
नागौद में आयोजित दाहिया–दहायत समाज का यह नववर्ष मिलन समारोह सामाजिक चेतना, संगठनात्मक मजबूती और साहित्यिक विमर्श का सुंदर संगम रहा। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं और बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस समारोह का मुख्य उद्देश्य था—
समाज में सामाजिक एकता और जागरूकता को बढ़ावा देना
नववर्ष के अवसर पर सामाजिक कैलेंडर 2026 का विमोचन
समाज के इतिहास, संस्कार और भविष्य दृष्टि को सहेजने वाली पुस्तकों का प्रचार-प्रसार
युवाओं, महिलाओं और प्रतिभाशाली बच्चों को प्रेरित करना
मुख्य अतिथि
नववर्ष मिलन समारोह 2026 के मुख्य अतिथि श्री बी.एल. दाहिया रहे। कार्यक्रम में उनके आगमन पर समाज द्वारा शाल एवं श्रीफल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। अपने सादगीपूर्ण व्यक्तित्व और सामाजिक अनुभव के कारण वे उपस्थित समाजजनों के लिए प्रेरणा स्रोत रहे।
मंचासीन वरिष्ठ समाजसेवी
कार्यक्रम के दौरान मंच पर समाज के अनेक वरिष्ठ एवं सक्रिय समाजसेवी उपस्थित रहे, जिनमें संतोष दाहिया, रमेश दाहिया, अनिल दाहिया, बी.एल. दाहिया, राजेन्द्र दाहिया, के.पी. दाहिया, डॉ. विवेक दाहिया, रामजीत दाहिया, दारा दाहिया, आर.एन. दाहिया, रामबालक दाहिया तथा सूर्यपाल दाहिया प्रमुख रूप से शामिल थे। इन सभी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को और अधिक बढ़ाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री रामबालक दाहिया, ब्लॉक अध्यक्ष, नागौद द्वारा की गई।
कार्यक्रम के आयोजनकर्ता श्री रावेन्द्र दाहिया, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष, सतना रहे।
मंच का सफल एवं गरिमामयी संचालन श्री रामकरण दाहिया (प्रदेश उपाध्यक्ष) एवं अंजली दाहिया (जिला महिला युवा मोर्चा अध्यक्ष, सतना) द्वारा किया गया।
नववर्ष मिलन समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में—
दाहिया समाज महासंघ, सतना के जिलाध्यक्ष राजेंद्र दाहिया के नेतृत्व में तैयार वार्षिक सामाजिक कैलेंडर 2026 का विमोचन किया गया।
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| कार्यक्रम के दौरान विमोचना सतना के जिलाध्यक्ष राजेंद्र दाहिया जी |
इस कैलेंडर की विशेषता यह है कि इसमें पूरे वर्ष समाज के विभिन्न कार्यक्रमों का नियोजन, वरिष्ठजनों की जन्मतिथियां, सामाजिक गतिविधियों और प्रेरक चित्रों को सम्मिलित किया गया है। यह कैलेंडर पूरे वर्ष समाज को एक सूत्र में बांधे रखने का कार्य करेगा।
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| dahiya dahayat samjik calendar |
नागौद में आयोजित नववर्ष मिलन समारोह के दौरान लेखक सोनू दहायत की दो पुस्तकों—
“दाहिया दहायत चेतना सृजन बुक” एवं
“दाहिया दहायत मातृशक्ति चेतना सृजन बुक”,
तथा लेखक के. दाहिया की नाट्य पुस्तिका “जानत प्रीति रीत रघुराई” का विमोचन सामाजिक नेताओं द्वारा विधिवत रूप से किया गया। यह अवसर समाज के साहित्यिक और वैचारिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
1. “दाहिया दहायत चेतना सृजन बुक” – लेखक: सोनू दहायत
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2. “दाहिया दहायत मातृशक्ति चेतना सृजन बुक” – लेखक: सोनू दहायत
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| यह बुक समाज कि नारियों के सम्मान पे समर्पित है |
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अपनी पुस्तकों पर विचार व्यक्त करते हुए लेखक सोनू दहायत ने कहा कि “दाहिया–दहायत चेतना सृजन” पुस्तक का मूल उद्देश्य समाज के महापुरुषों की जीवन गाथाओं, उनके संघर्षों और ऐतिहासिक योगदान को एकत्रित कर आने वाली पीढ़ी तक पहुँचाना है। यह पुस्तक केवल इतिहास का संकलन नहीं, बल्कि समाज को संगठित करने और आत्मचिंतन की दिशा देने वाला वैचारिक दस्तावेज़ है।
उन्होंने वर्तमान समय की सामाजिक चुनौतियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि आज के युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), शोध और नवाचार को अपनाकर विकास की नई ऊँचाइयों को छूना होगा।
सोनू दहायत ने यह भी जानकारी दी कि उनकी आगामी तीसरी पुस्तक “सामाजिक सैन्यबल” की अवधारणा पर आधारित होगी, जो समाज की संगठित शक्ति और अनुशासन को रेखांकित करेगी। इसके बाद आने वाली चौथी पुस्तक “सामाजिक बेटे और बेटियाँ” समाज में बालक-बालिकाओं की समान भूमिका, जिम्मेदारी और संस्कारों पर केंद्रित रहेगी।
साथ ही उन्होंने समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने तथा समाज के पूर्व विधायक स्वर्गीय चंददीन दहायत एवं स्वर्गीय हेतराम दहायत की स्मृति में पुरस्कार स्थापित करने की अपनी भावी योजना भी साझा की।
3. “जानत प्रीति रीत रघुराई” – लेखक: के. दाहिया
इस अवसर पर अमित दाहिया ने लेखक के. दहिया की नाट्य पुस्तिक “जानत प्रीति रीत रघुराई” पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह रचना भगवान राम के 14 वर्षों के वनवास के पश्चात अयोध्या वापसी के प्रसंग को केंद्र में रखती है। नाटिका में भरत, कैकेई और मंथरा की मनोदशा का अत्यंत संवेदनशील चित्रण किया गया है।
इस कृति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भगवान राम कैकेई ही नहीं, बल्कि दुष्ट मंथरा को भी क्षमा कर देते हैं, जो क्षमा, करुणा और धर्म की उच्चतम भावना को दर्शाता है।
नाटिका में तीन भाइयों—भरत, विभीषण और बाली का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया है कि जहाँ विभीषण और बाली अपने भाइयों का पूर्ण विश्वास नहीं जीत सके, वहीं भरत ने भ्रातृप्रेम, त्याग और निष्ठा की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की। यह पुस्तक पारिवारिक मूल्यों और नैतिक चेतना को गहराई से उजागर करती है।
साथ ही लेखक के. दाहिया, लेखक सोनू दहायत और जिलाध्यक्ष राजेंद्र दाहिया को समाज द्वारा सील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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| समाजिक शील्ड प्राप्ति हर्ष |
अन्य विशिष्ट समाजसेवियों ने संगठन के राष्ट्रीय विस्तार, महिला सशक्तिकरण, युवा प्रोत्साहन और सामाजिक एकीकरण पर अपने विचार रखे।
इस अवसर पर समाज के अनेक पदाधिकारी, वरिष्ठजन और विशिष्ट व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें
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| समाजिक बंधु |
अशोक दाहिया (संभागीय सचिव),
सुनील दाहिया (मैहर जिलाध्यक्ष),
सुरेश दाहिया (जिला सचिव, सतना),
पुष्पेंद्र दाहिया (संभागीय प्रवक्ता),
धनेन्द्र दाहिया, दीपक दाहिया, दिनकर दाहिया, एस.एल. दाहिया,
डॉ. कनक दाहिया, डॉ. रामस्याम्बर दाहिया,
अरविन्द दाहिया (सरपंच, पटरहायी),
सीताराम दाहिया,
कवि अवंतिका दाहिया,
गोलू दाहिया,
अनुपम दाहिया (पत्रकार),
सुरेश दाहिया (वरिष्ठ पत्रकार),
लेखराम दाहिया, प्यारेलाल दाहिया, गया दाहिया, शरद दाहिया (कटनी) सहित सैकड़ों वरिष्ठ समाजसेवी एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं।
समारोह के प्रति समाजजनों में अत्यंत उत्साह और सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। वरिष्ठ समाजसेवियों, मातृशक्ति और युवाओं ने इसे समाज के लिए नई दिशा देने वाला आयोजन बताया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित समाजजनों ने इसे सामाजिक चेतना और संगठनात्मक मजबूती की नींव कहा।
नववर्ष मिलन समारोह 2026 न केवल एक कार्यक्रम था, बल्कि यह समाज के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला संकल्प मंच भी रहा। सामाजिक कैलेंडर और चेतना सृजन पुस्तकों के माध्यम से समाज एक संगठित, जागरूक और प्रगतिशील दिशा में आगे बढ़ रहा है।
दाहिया–दहायत समाज का नववर्ष मिलन समारोह 2026 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, एकता और भविष्य निर्माण का संकल्प था। सामाजिक कैलेंडर 2026 और चेतना सृजन पुस्तकों के विमोचन ने यह स्पष्ट कर दिया कि हमारा समाज अब विचार, साहित्य और संगठन के माध्यम से आगे बढ़ रहा है।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवियों के अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और मातृशक्ति की सहभागिता ने समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं, प्रेरित करते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करते हैं।
यह ब्लॉग लिखते समय मैं समाज के प्रति गहरी आस्था और उत्साह से भरा हुआ रहा हूँ। इस लेख में दी गई अधिकांश जानकारियाँ श्री सोनू दहायत जी द्वारा प्रदान की गई जानकारी एवं कार्यक्रम के दौरान प्राप्त विवरण पर आधारित हैं।
यदि इस लेख में किसी भी समाजजन, पदाधिकारी या सहभागी का नाम या योगदान अनजाने में उल्लेखित होने से रह गया हो, तो इसके लिए मैं हृदय से क्षमा प्रार्थी हूँ। इसका उद्देश्य किसी को छोड़ना नहीं, बल्कि समाज की सकारात्मक गतिविधियों को सामने लाना है।
मैं सभी समाजिक बंधुओं से विनम्र निवेदन करता हूँ कि इस ब्लॉग को अधिक से अधिक समाजजनों तक पहुँचाएँ, इसे पढ़ें, साझा करें, और अपने सुझावों से इसे और बेहतर बनाने में सहयोग दें, ताकि समाज की एकता और चेतना निरंतर सशक्त होती रहे।
लेखक:
भूपेंद्र दाहिया
धौचट रीवा मध्य प्रदेश








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