गुजरात के वडोदरा में मकर संक्रांति और उत्तरायण – मंदिर दर्शन, बाजार और पत्नी संग यादगार दिन | Jakida Wale Blog
गुजरात के वडोदरा में मकर संक्रांति और उत्तरायण – मंदिर दर्शन, बाजार और यादगार दिन
लेखक : भूपेंद्र दहिया | Jakida Wale Blog
भारत के त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाले रंग हैं। ऐसा ही एक रंगीन और यादगार दिन मेरे जीवन में आया – मकर संक्रांति और उत्तरायण, जिसे मैंने अपनी पत्नी के साथ गुजरात के वडोदरा शहर में बड़े उत्साह के साथ मनाया। यह दिन सिर्फ पतंगों का नहीं था, यह दिन भक्ति, प्रेम और संस्कृति का संगम था।
सुबह की शुरुआत – मंदिर में भगवान के दर्शन
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| happy sankarti |
मकर संक्रांति के पावन दिन हमने सबसे पहले वडोदरा के प्रसिद्ध मंदिर में जाकर भगवान के दर्शन किए।
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| Balaji mandir vaikunth vadodra |
मंदिर का वातावरण बेहद शांत और भक्तिमय था। चारों ओर घंटियों की आवाज, धूप-अगरबत्ती की खुशबू और श्रद्धालुओं की आस्था –
मन को भीतर तक सुकून दे रही थी।
भगवान के चरणों में माथा टेककर मैंने अपने परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस शुभ दिन पर मंदिर दर्शन करना
हमारे लिए जीवन की सबसे सुंदर याद बन गया।
मंदिर से निकलते ही वडोदरा की सड़कों पर उत्तरायण का त्योहार पूरे शबाब पर था।
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| market vadodra |
आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगें,
बच्चों की हँसी,और चारों तरफ उत्सव का माहौल – दिल खुश हो गया। गुजरात में उत्तरायण सिर्फ त्योहार नहीं,
यह लोगों की संस्कृति और आत्मीयता का प्रतीक है।
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| पतंग उड़ाकर |
घूमते हुए हम स्थानीय बाजार पहुँचे। वहाँ पारंपरिक गुजराती व्यंजन और मिठाइयों की खुशबू मन को ललचा रही थी।
हमने बाजार से –
• तिल के लड्डू
• गजक
• खिचड़ी
• गरमागरम नाश्ते की चीजें
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खरीदीं और साथ बैठकर आनंद लिया। पत्नी के साथ इस छोटे से बाजार भ्रमण ने दिन को और भी खास बना दिया।
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| पत्नी के साथ यादगार पल |
इस पूरे दिन की सबसे सुंदर बात थी – अपनी पत्नी के साथ हर पल साझा करना। मंदिर दर्शन, बाजार की रौनक, और उत्तरायण का उत्सव – सब कुछ जीवन की मधुर यादों में जुड़ गया।
वडोदरा शहर ने मुझे सिखाया –जहाँ संस्कृति है, वहाँ आनंद है।
जहाँ आस्था है, वहाँ शांति है। गुजरात की यह यात्रा मेरे जीवन की अनमोल स्मृति बन गई। मकर संक्रांति और उत्तरायण का यह दिन मेरे लिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और खुशियों का पर्व था।
भगवान के दर्शन, पतंगों की उड़ान और पत्नी के साथ बिताए पल – सब कुछ अविस्मरणीय बन गया।
आप सभी को मकर संक्रांति और उत्तरायण की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर करे – आपके जीवन में भी खुशियों की पतंगें यूँ ही उड़ती रहें।










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