मिशन बट्टू भाई : दाहिया-दहायत समाज का सपना साकार | जाति प्रमाणपत्र पर ऐतिहासिक जीत

🌸 मिशन बट्टू भाई : समाजिक एकता का सपना हुआ साकार 🌸


नमस्कार आदरणीय सभी सामाजिक कार्यकर्ता और जन को मैं सादर प्रणाम करता हू। मुझे यह जान के बहुत खुशी और गर्व हो रहा है कि समाज की प्रगति केवल आर्थिक स्थिति से नहीं होती, बल्कि उस समाज की पहचान, सम्मान और एकता से होती है। वर्षों तक दाहिया-दहायत समाज को अपनी मूल जाति प्रमाणपत्र प्राप्त करने में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लेकिन आज यह सपना साकार हो चुका है। यह केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि समाज की पहचान और आत्मसम्मान की पुनःस्थापना है।

मिशन बट्टू भाई – एक अधूरा सपना

90 के दशक से ही समाज के सामने यह बड़ी समस्या थी कि जाति प्रमाणपत्र बनवाने में अड़चनें आती थीं।
इसी दौरान बट्टू भाई ने समाज के लिए सपना देखा –
👉 “हर परिवार को उनकी सही जाति पहचान मिले,
👉 कोई अधिकारी उन्हें रोक न सके,
👉 और समाज एकजुट होकर अपने अधिकार प्राप्त करे।”

हालाँकि बट्टू भाई इस सपने को जीते-जी पूरा होते न देख सके, लेकिन उनकी सोच और संघर्ष ने समाज में चेतना की ज्योति जला दी।

📜 ऐतिहासिक उपलब्धि

अब मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यह आदेश जारी कर दिया गया है कि –

  • किसी भी जिले या तहसील में दाहिया-दहायत समाज का जाति प्रमाणपत्र बनाने में कोई रोक नहीं होगी।
  • प्रत्येक परिवार तहसीलदार को आवेदन देकर अपने राजस्व अभिलेख (खसरा-खतौनी) में अपनी जाति दर्ज करवा सकता है।
  • यह प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होगी।

🙏 सहयोग और योगदान

इस सफलता में समाज की सामूहिक ताक़त और नेताओं का योगदान सराहनीय रहा।

  • मध्यप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी
  • उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल जी
  • और समाज के कई जागरूक कार्यकर्ताओं ने मिलकर यह उपलब्धि दिलाई।

यह केवल सरकार का निर्णय नहीं, बल्कि समाज की सतत एकता और संघर्ष का परिणाम है।

🤝 समाज की एकता – सबसे बड़ी ताक़त

बड़े बुज़ुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर किसी ने इस मिशन को सफल बनाने में योगदान दिया।
👉 बुज़ुर्गों ने दिशा दिखाई।
👉 युवाओं ने संघर्ष किया।
👉 बुद्धिजीवियों ने प्रशासनिक स्तर पर आवाज़ उठाई।
👉 और महिलाओं ने घर-परिवार संभालते हुए समाज के लिए प्रेरणा दी।

यह उपलब्धि बताती है कि “जब समाज एकजुट होता है तो असंभव भी संभव हो जाता है।”

🌸 मिशन से मिली सीख

  • समाज में कोई छोटा या बड़ा नहीं होता।
  • सबका कर्तव्य है कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को सहयोग दें।
  • जाति या धर्म से ऊपर उठकर एकता और विकास की सोच अपनाएँ।

👉 जैसे कहा गया है –
“मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर में बाँट दिया भगवान को,
धरती बाँटी, सागर बाँटा,
मत बाँटो मेरी पवित्र गंगा जैसी समाज को।”

आज मिशन बट्टू भाई का सपना पूरा हो गया है। यह केवल एक प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि समाज की गरिमा, आत्मसम्मान और भविष्य की पहचान है।
अब हमारा कर्तव्य है कि –

  • समाज में शिक्षा को बढ़ावा दें,
  • आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का सहारा बनें,
  • और एकजुट होकर आने वाली पीढ़ियों के लिए सुनहरा भविष्य तैयार करें।

जाति प्रमाण पत्र में जो दिक्कत आ रही थीं उसमे ये एक ब्लॉग हैं लिंक क्लिक करें और पढ़े

https://dahiyabhupend.blogspot.com/2025/08/5.html

जय जय दाहिया-दहायत समाज 🙏
जय जय मिशन बट्टू भाई 🙏

✍️ लेखक : भूपेन्द्र दाहिया

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