"भारत में बाढ़ 2025: पंजाब, गुजरात, हरियाणा और उत्तर भारत के राज्यों में तबाही व राहत कार्य
भारत में वर्तमान बाढ़: कौन-कौन से राज्य सबसे अधिक प्रभावित और राहत कार्य की स्थिति?
नमस्कर दोस्तो मैं भूपेंद्र आज आप लोगों बीच चल रहीं वर्तमान प्राकृतिक आपदा बाढ़ के बारे चर्चा करेंगे चालिए जानेंगे,
प्रभावित राज्य (ताज़ा स्थिति — सितम्बर 2025)
पंजाब
- तारीख और समय: 7 सितम्बर 2025 तक रिपोर्ट
- प्रभावित क्षेत्र: लगभग 1,900 गांव, 4 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबा, प्रभावित जनसंख्या 3.5 लाख लोग
- मौतें: 46 लोग, जिसमें पिछले 24 घंटों में 3 और मौतें शामिल
- वित्तीय आंकड़े: प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान; फसल नुकसान 1.75 लाख हेक्टेयर
- राहत कारवाई:
- Milkfed (Verka) और सहयोगी यूनियनों ने राहत और पुनर्प्राप्ति अभियान शुरू किया।
- राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा 9 राहत ट्रकों का उद्घाटन — तम्बू, किचन सेट, कम्बल, गेंहू‑फूस आदि भेजे गए।
- खेती-बाड़ी और पशुधन को बचाने हेतु एनडीआरएफ/एसडीआरएफ और सैन्य बल सहायता में जुटे।
- किसान संगठनों ने अपील की कि राशन तुरंत न भेजें, बल्कि पानी उतरने के बाद ज़रूरत के हिसाब से समर्थन दें।
उत्तर गुजरात (गुजरात)
- तारीख: 6–7 सितम्बर 2025
- स्थिति: बनास और साबरमती नदियों का उफान; सुईगम में 323 mm बारिश, वव, भाभर और थराद में भी भारी वर्षा; स्कूल बंद, यातायात बाधित।
- राहत कार्य: SDRF ने 1,045 लोगों को बचाया; 5,598 लोगों को स्थानांतरित किया। बांध लगभग 84% भरे; IMD ने चेतावनी जारी की।
- एक SDRF टीम ने सबरमती नदी से 9 लोगों को रेस्क्यू किया — 8 पुरुष व 1 महिला सुरक्षित।
- वर्षा रिकॉर्ड: मौजूदा मानसून में गुजरात में औसतन 102.89% बारिश, साउथ क्षेत्र में 107.99% रिकॉर्ड।
3. हरियाणा
स्थिति: घग्गर नदी खतरे के निशान से ऊपर; फतेहाबाद, सिरसा, हिसार से कई गांव प्रभावित; 90,000 एकड़ फसल बरबाद। ([turn0news32])
राहत काम: किसानों के लिए मुआवजे की व्यवस्था शुरू।
4. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर
स्थिति: भारी बारिश, भू-स्खलन एवं फ्लैश फ्लड—जैसे किष्टवाड़ में बादल फटने की घटना (67+ मौतें), हिमाचल में सूतलेज के तटबंध पर संकट। ([turn0search39], [turn0news16])
राहत कार्य: सेना, NDRF, SDRF द्वारा बचाव अभियान; तटबंध कसे गए और स्थानीय प्रशासन सक्रिय।
5. दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र)
स्थिति: यमुना नदी ने डेंजर मार्क पार किया; लो-लाइंग क्षेत्र जलमग्न; लाल किला आसपास क्षेत्र और लोहे पुल में जलभराव। ([turn0search1])
राहत कार्य: खेत व आवासीय क्षेत्र से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया
सारांश तालिका
राज्य / क्षेत्र मुख्य प्रभाव राहत-बचाव कार्य
पंजाब 2,000+ गांव, भारी फसल नुकसान, 48 मौतें Milkfed राहत, NDRF/SDRF, सैन्य बल, राहत कैंप्स
उत्तर गुजरात (गुजरात) नदी उफान, स्कूल बंद, भारी बारिश बचाव, स्थानांतरण, चेतावनी प्रणाली
हरियाणा नदी में उफान, गांव और फसलों को भारी नुकसान मुआवजा पंजीकरण, राहत काम
| राज्य / क्षेत्र | प्रभाव (तारीख सहित) | राहत-बचाव कार्य |
|---|---|---|
| पंजाब | 7 सितम्बर – 46 मौतें, 3.5 लाख प्रभावित, 14,000 करोड़ का नुकसान | Milkfed राहत, राहत ट्रक, सैन्य एवं NDRF बचाव |
| उत्तर गुजरात | 6–7 सितम्बर – सुईगम 323 mm बारिश, नदी उफान, स्कूल बंद | SDRF बचाव, स्थानांतरण, IMD चेतावनी, रेस्क्यू |
निष्कर्ष
भारत में बाढ़ केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक चुनौती भी है। पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों की मौजूदा स्थिति हमें बताती है कि राहत और बचाव कार्य कितने आवश्यक हैं। यदि हम समय रहते सही कदम उठाएँ — जैसे नदी प्रबंधन, जल निकासी सुधार और पर्यावरण संतुलन — तो इससे होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
लेखक भूपेंद्र दाहिया
स्रोत: Times of India, Indian Express, Economic Times, News on AIR, First India
दोस्तों मैं अपने पिछले ब्लॉग में अपको आपदा प्रबंधन लेख में बता चुका हूं कि बचाव के लिय लिए कौन से टीम काम करतीं हैं जानने के लिए पढ़े पुरी आपदा प्रबंधन की जानकारी लिंक पे क्लिक करें https://dahiyabhupend.blogspot.com/2025/07/blog-post_30.html

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
“अगर पोस्ट पसंद आई हो तो साझा करें और अपने सुझाव बताएँ।”